प्रदेश में खासकर प्रवासी लोगों के लिए शुरू की गई Mukhyamantri Swarojgar Yojana के तहत विनिर्माण में 25 लाख और सेवा क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर ऋण मिलेगा। राज्य सरकार ने यह योजना प्रदेश के उद्यमशील लोगों एवं प्रवासी उत्तराखंड वासियों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित की है।

बीते रोज इस योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आला अधिकारियों को योजना की आम लोगों तक समुचित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही गांव-गांव तक इस योजना को पहुंचाने के निर्देश दिए।

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कहा कि सूबे के जिला स्तरीय अधिकारियों एवं विभिन्न जन प्रतिनिधि भी इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। कहा कि इस योजना को लेकर लाभार्थियों को लोन लेने में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े इसके लिए सभी जिलाधिकारी और बैंकर्स आपस में व्यवस्था सुनिश्चित करें।

Mukhyamantri Swarojgar Yojana: यहां से करें ऑनलाइन आवेदन

यदि आप इस योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आप योजना की साइट  पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन के लिए यहां क्लिक करें msy.uk.gov.in

यह है आवेदन की प्रक्रिया

इस योजना के तहत आवेदक को महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्रों में जाकर या फिर ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल विभाग उद्योग निदेशालय होगा जो एमएसएमई विभाग के नियंत्रणाधीन रहेगा। जनपद स्तर पर योजना का क्रियान्वयन जिला उद्योग केंद्र करेंगे।

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जानें पात्रता एवं शर्तें

इस योजना के लिए शैक्षिक योग्यता की कोई बाध्यता नहीं रखी गई है। आवेदक की आयु कम से कम 18 साल होनी चाहिए। इस योजना के तहत व्यवसाय, सेवा एवं उद्योग क्षेत्र में वित्त पोषण सुविधा उपलब्ध होगी। इस योजना से प्रत्येक आवेदक अथवा उसके परिवार के सदस्य को केवल एक बार लाभान्वित किया जाएगा।

लाभार्थियों का चयन

इस योजना के तहत ऐसी भी व्यवस्था बनाई गई है कि यदि योजना में अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो तब ऐसी दशा में परियोजनाओं को देखते हुए पहले आओ पहले पाओ के आधार पर चयन किया जाएगा।

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अनुदान के रुप में होगी मार्जिन मनी

इस योजना के तहत सभी पात्र विनिर्माणक, सेवा और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण दिया जाएगा। एमएसएमई विभाग योजना के मुताबिक मार्जिन मनी की धनराशि अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाएगा।, करना होगा। उद्यम के दो वर्ष तक सफल संचालन के बाद मार्जिन मनी अनुदान के रूप में समायोजित की जाएगी।

  • विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को 5% अंशदान के रूप में करना होगा जमा।
  • सामान्य श्रेणी को परियोजना लागत का 10% करना होगा जमा।
  • वर्गीकृत श्रेणी ए में मार्जिन मनी की अधिकतम सीमा कुल परियोजना लागत का 25%
  • श्रेणी बी में 20% तथा सी व डी श्रेणी में कुल परियोजना लागत का 15% तक देय।
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