शहीद हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी का पार्थिव शरीर गुरूवार सुबह आज उनके देहरादून आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान शहीद को काफी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शहीद के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया गया। पूरे सैन्य सम्मान के साथ गंगा घाट पर शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। पिता रतन सिंह ने शहीद को मुखाग्रि दी। इस मौके पर सेना के अधिकारी, जवानों के साथ-साथ काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

बता दें कि शहीद हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी का पार्थिव शरीर बीते बुधवार देर शाम दून लाया गया। श्रीनगर से विशेष विमान से पार्थिव शरीर को जौलीग्रांट लाया गया। जहां से सेना के वाहन से सेना अस्पताल ले जाया गया। सेना अस्पताल से आज सुबह पार्थिव शरीर को शहीद के अंबीवाला स्थित घर पर लाया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, देहरादून जिलाधिकारी, सेना के अधिकारियों के साथ ही विधायक और स्थानीय लोगों ने राजेंद्र सिंह नेगी की शहादत को नमन किया। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार शहीद के परिजनों के साथ खड़ी है। सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। कहा कि प्रदेश सरकार शहीद की पत्नी को उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी देगी।

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देहरादून। यहां राजधानी के अंबीवाला निवासी शहीद हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी का पार्थिव शरीर बुधवार को आज सेना के विमान से दून पहुंचेगा। सेना की ओर ने परिजनों को बताया गया कि पहले विमान से पार्थिव शरीर श्रीनगर से दिल्ली पहुंचाया जाएगा। इसके बाद वहां से फिर दून लाया जाएगा और पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी का पार्थिव शरीर आज परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि अंबीवाला निवासी हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी सेना के 11 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। बीती आठ फरवरी 2020 को वह बारामूला के गुलमर्ग क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान बर्फ में फिसलकर लापता हो गए थे। इसके बाद कई दिन तक खोजबीन के बाद जब उनका पता नहीं चला तो सेना ने उन्हें शहीद घोषित कर दिया।

इस घटना के आठ माह बाद बीती 15 अगस्त को जम्मू पुलिस ने उनका शव बरामद किया। उसके बाद उनका पार्थिव शरीर सेना के श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल में रखा गया। परिजनों ने बताया कि यूनिट की ओर से पहले मंगलवार को पार्थिव शरीर दून पहुंचने की सूचना दी थी, लेकिन अब सेना ने बुधवार को पार्थिव शरीर दून लाने की बात कही है।

मिली जानकारी के अनुसार कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से तापमान में इजाफा होने लगा है, जिसके चलते यहां बर्फ पिघलनी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि बर्फ पिघलने के कारण बर्फ में दबे जवान का शव बर्फ से ऊपर आ गया, जिससे इसका पता चल पाया।

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