अल्मोड़ा। जनपद के पेटशाल में आतंक का पर्याय बने आदमखोर गुलदार को शिकारियों की टीम ने ढेर कर दिया। बीती रात्रि को जंगल में मचान पर बैठे दो शिकारियों ने गुलदार को देखते ही एक साथ गोली दाग दी, जिससे वह मौके पर ही ढेर हो गया। आदमखोर के ढेर होने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

विदित हो कि जिले के पेटशाल, डुंगरी क्षेत्र में पिछले कुछ समय से गुलदार का आतंक बना हुआ था। बीते सप्ताह सोमवार को डुंगरी गांव में ढाई वर्षीय हर्षित को मां की गोद से गुलदार उठा ले गया था। इसके बाद अगले ही दिन पेटशाल गांव की रहने वाली 75 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बुजुर्ग आनंदी पत्नी स्व. हरी राम का भी गुलदार ने अपना निवाला बना लिया। दो दिन के भीतर दो लोगों की मौत से क्षेत्र में जहां दहशत का माहौल बन गया वहीं क्षेत्र के आक्रोशित ग्रामीणों ने गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की।

ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने गुलदार को मारने के लिए तीन शूटरों नैनीताल से शिकारी हरीश धामी, उत्तर प्रदेश के बिजनौर से सैफी आसिफ और मुरादाबाद से राजीव सोलोमन को बुलवा कर प्रभावित क्षेत्र में तैनात कर दिया।

गुलदार को मारने के लिए बनाए गए मचान में तीनों शूटर तैनात थे। देर शाम जैसे ही गुलदार दिखाई दिया, तीनों शिकारी अलर्ट हो गए। शिकारियों ने पहले उसकी पहचान की। इसके बाद शिकारी सैफी आसिफ और राजीव सोलोमन ने एक साथ गोली चलाई और देखते ही गुलदार ढेर हो गया। इससे पूर्व पिछले तीन दिनों तक गुलदार शिकारी दल के हत्थे नहीं चढ़ पाया।

वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा ने बताया कि क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने गुलदार को शिकारी दल ने मार गिराया है। बताया कि गुलदार का पोस्टमार्टम कर शव जलाकर नष्ट कर दिया गया है।

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