देहरादून। उत्तराखण्ड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के कड़े रुख को देखते हुए एक ही दिन में उनके निर्देश पर शासन ने लापरवाह अभियन्ताओं और चिकित्सकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कड़ी में जहां उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन के तीन अभियन्ताओं समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया गया वहीं बगैर अवकाश के गायब चल रहे एक अधिशासी अभियंता को भी निलंबित कर दिया गया। यही नहीं मुख्यमंत्री के आदेश पर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे 81 चिकित्साधिकारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।

लोनिवि के अधिशासी अभियन्ता अनुपम सक्सेना को आदेशों की अवहेलना का दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है। ईई सक्सेना को प्रांतीय खंड लोनिवि पौड़ी से विश्व बैंक खंड लोनिवि अस्कोट में तैनात किया गया था, जिसका उन्होंने अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया। वह बिना अवकाश मंजूर कराए कार्यालय से गैर हाजिर हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रमुख अभियंता लोनिवि की सिफारिश के आधार पर सक्सेना की स्वेच्छाचारी प्रवृत्ति, शासकीय आदेशों का पालन न करने, बिना अवकाश गैर हाजिर रहने तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने पर निलंबित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित 81 चिकित्साधिकारियों की सेवा समाप्ति संबधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित इन चिकित्सकों की विभाग में अनुपस्थिति की तिथि से सेवा समाप्ति संबंधी प्रस्ताव को सहमति के लिए लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है।

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