ऊखीमठ। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के मंदिर एवं मंडल घाटी के गांवों को जोड़ने के साथ ही बदरी-केदार यात्रा का वैकल्पिक मार्ग कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग का पांच सौ मीटर हिस्सा भूधंसाव की चपेट में आ गया है। ताला में राजमार्ग पर जगह-जगह मोटी दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे वाहनों का आवागमन तो दूर पैदल आवाजाही में भी निरंतर खतरा बना हुआ है।

तहसील मुख्यालय से 11 किमी दूर ग्राम पंचायत उषाड़ा के ताला में कुुंड-ऊखीमठ-चोपता- गोपेश्वर राजमार्ग भूधंसाव से खस्ताहाल हो गया है। सड़क के पांच सौ मीटर क्षेत्र में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं, जो दिनोंदिन चैड़ी हो रही हैं। एनएच द्वारा मशीनों की मदद से राजमार्ग को दुरुस्त करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लगातार हो रहे भूधंसाव से स्थिति ठीक होने की जगह लगातार खराब होती जा रही है। यहां राजमार्ग के ऊपरी तरफ बने भवनों पर भी दरारें पड़ गई हैं।

दूसरी तरफ ताला-बरंगाली मोटर मार्ग का भी दो सौ मीटर हिस्सा व मोटर पुल भूधंसाव से खतरे की जद में आ गए हैं। बता दें कि यह क्षेत्र बीते 28 वर्षों से भूधंसाव का दंश झेल रहा है, लेकिन इस बार, यह विकराल हो गया है, जिससे निजी व सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान हो रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दैड़ा के समीप भी राजमार्ग पर पहाड़ी से भारी भूस्खलन से आए दिन मलबा व बोल्डर गिर रहे हैं। राजमार्ग के अधिशासी अभियन्ता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बरसात के बाद प्राथमिकता के आधार पर राजमार्ग के प्रभावित हिस्से का भू-वैज्ञानिकों से सर्वेक्षण कराया जाएगा। इस संबंध में विभाग के आला अधिकारियों को भी सूचना भेजी गई है।

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