मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को अपनी सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश करने वालों में एक और नाम हुआ शामिल

0
280
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को अपनी सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश करने वालों में एक और नाम हुआ शामिल

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को अपनी सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश करने वालों में एक नाम विधायक राम सिंह कैड़ा का भी जुड़ गया है। कैड़ा ने मुख्यमंत्री को अपनी सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की है। कैड़ा भीमताल से विधायक हैं और 2017 में वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीते थे। तब भाजपा प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे थे।

बकौल कैड़ा, मेरी इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है। मैं उनके लिए सीट छोड़ने को तैयार हूं। मुख्यमंत्री भीमताल से चुनाव लड़ेंगे तो ओखलकांड, धारी, रामगढ़ व भीमताल क्षेत्र के विकास को मजबूती मिलेगी। कैड़ा से पूर्व भाजपा के दो और विधायक भी मुख्यमंत्री के लिए सीट खाली करने की घोषणा कर चुके हैं।

सबसे पहले बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनसे अपनी सीट पर चुनाव लड़ने का अनुरोध किया था। उनके बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने भी मुख्यमंत्री को अपनी सीट पर चुनाव लड़ने की पेशकश की थी। डॉ. रावत कोटद्वार से विधायक हैं और पौड़ी गढ़वाल लोकसभा से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।

तीरथ रावत से पहले चार सांसद बन चुके उत्तराखंड के सीएम

बता दें कि तीरथ रावत से पहले चार सांसद उत्तराखंड के सीएम बन चुके हैं। इनको विधानसभा सदस्य बनने के लिए बाद में उपचुनाव लड़ना पड़ा था। इस परंपरा की शुरुआत 2002 में तत्कालीन सीएम एनडी तिवारी ने की थी। वह नैनीताल से लोकसभा के सांसद थे। सीएम बनने के बाद उन्होंने रामनगर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीता था। इसी तरह पौड़ी गढ़वाल से ही सांसद रह चुके भुवन चंद्र खंडूड़ी राज्य का सीएम बनने के बाद धूमाकोट से विधायक बने।

इसके बाद टिहरी से सांसद विजय बहुगुणा जब कांग्रेस की ओर से सीएम बने तो उन्होंने सितारगंज से विधानसभा का चुनाव जीता था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत जब सीएम बने तब उन्होंने धारचूला से विधानसभा का चुनाव जीता था। उनके लिए पार्टी के ही विधायक हरीश धामी ने सीट छोड़ी थी।

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here