पिथौरागढ़। अभी तक हमारी सीमा के पार ड्रेगन द्वारा ही सडक़ एवं रेल का नेटवर्क बनाया गया है, लेकिन अब चीन सीमा पर पहुंच के लिए भारत द्वारा भी लिपुलेख तक कुल 95 किमी सडक़ बना दी गई है। हालांकि अभी इसके लिए बन रहे सडक़ मार्ग की कटिंग का ही काम पूरा हुआ है, लेकिन जल्द ही बाकी अन्य कार्य पूर्ण कर सामरिक महत्व के इस मार्ग के बन जाने से सीमा सुरक्षा के कार्य को मजबूती मिलेगी।

नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज नवनिर्मित इस सडक़ का ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर यहां मुख्यालय में ग्रीफ के आला अधिकारी उपस्थित रहेंगे। पिथौरागढ़ जिले के तवाघाट से लिपुलेख तक 95 किमी इस सडक़ मार्ग के बनने से चीन सीमा पर अब हमारी सुरक्षा और बेहतर हो सकेगी साथ ही सेना को भी अपने दैनिक कार्यों के लिए भी सुविधा मिल सकेगी।

ड्रेगन की सीमा के पास बाकी बचे तीन किलोमीटर के क्षेत्र में सडक़ कटिंग का काम अभी नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक ऐसा सुरक्षा कारणों के मध्यनजर किया गया है। इस मार्ग पर 9 मई से सेना व पैरा मिलिट्री फोर्स के वाहनों के आवाजाही के लिए ही परमिशन रहेगी। सिविल वाहनों को आवाजाही के लिए कुछ समय बाद अनुमति मिल सकेगी।
भारत के लिए यह सडक़ जहां खासी सामरिक महत्व की है वहीं विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा समेत माइग्रेशन पर आने जाने वाले ग्रामीणों के लिए भी यह मील का पत्थर साबित होगी।

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