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Saturday, January 29, 2022
Homeहमारा उत्तराखण्डआगामी 30 अप्रैल तक बन्द रहेंगे मैदानी जनपदों के उच्च शिक्षण संस्थान

आगामी 30 अप्रैल तक बन्द रहेंगे मैदानी जनपदों के उच्च शिक्षण संस्थान

कोरोना के बढते संक्रमण को देख उच्च शिक्षा विभाग ने लिया अहम फैसला
विभागीय मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने दिये आदेश जारी करने के निर्देश
आफलाईन एवं आनलाईन दोनों मोड में जारी रहेगी पढाई

देहरादून। राज्य में कोराना के बढते संक्रमण को मध्य नजर रखते हुए उच्च शिक्षा विभाग में आगामी 30 अप्रैल 2021 तक राज्य के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उधमसिह नगर तथा कोटद्वार भाबर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को बन्द रखने के निर्देश दिये है। इन संस्थानों में छात्र छात्राओं को आॅनलाईन पढाई कराई जायेगी। जबकि राज्य के अन्य जनपदों के शिक्षण संस्थान खुले रहेंगे तथा आॅफलाईन एवं आॅनलाईन दोनो मोड में पढाई होगी।
मीडिया को जारी एक बयान में उच्च शिक्षा, सहाकारिता, प्रोटोकाल तथा आपदा प्रबन्धन एवं पुर्नवास मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ रह है विशेषकर अधिक जनसंख्या वाले मैदानी जनपदों में कोरोना का प्रभाव अधिक देखा गया है। इसी के मध्य नजर राज्य के 04 जनपदों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उधमसिह नगर तथा कोटद्वार भाबर के सभी राजकीय एवं निजी शिक्षण संस्थनों को आगामी 30 अप्रैल 2021 तक बन्द रखने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये है। इसी के साथ इन शिक्षण संस्थानों में छात्र छात्राओं की पढाई आॅन लाईन कराये जाने के निर्देश दिये गये है। जबकि राज्य के अन्य जनपदों में समस्त उच्च शिक्षण संस्थान खुले रहेंगे, लेकिन छात्र छात्राओं को कालेज आने की बाघ्यता नही होगी। इन शिक्षण संस्थानों में आॅफलाईन एवं आॅनलाईन दोनों मोड में पढाई जारी रहेगी। विभागीय मंत्री ने कहा कि उन्होने कोरोना को प्रभाव को देखते हुए गत वर्ष ही राज्य के सभी राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के साथ ही निजी शिक्षण संस्थानों को भी आॅनलाईन शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दे दिये गये थे जिसका परिणाम यह रहा कि वर्तमान में राज्य के लगभग सभी राजकीय महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों को 4जी नेटवर्क सेवा से जोड दिया गया है जबकि निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा भी अपने स्तर से आॅनलाईन पढाई की व्यवस्था की गई है। ताकि छात्र छात्राओं को अध्ययन करने मे किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो।
विभागीय मंत्री डाॅ रावत ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अब छात्रों एवं शिक्षकों को कोविड संक्रमण के नियमों का पालन करते हुए पठन पाठन का कार्य जारी रखना होगा। हम सब को इन्हीं परिस्थिति में जीने की आदत डालनी होगी तभी हम आगे बढ सकते है। उन्होने बताया कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आॅनलाईन पढाई को बेहतर ढंग से कराये जाने के लिए शासन स्तर से माॅनिटिरिंग की भी व्यवस्था की जायेगी।

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