डा0 महेश भट्ट
यह समय स्वास्थ्य की दृष्टि से सचेत रहने का है, क्योंकि एक तरफ कोरोना चल रहा है तो दूसरी तरफ डेंगू बीमारी भी दस्तक दे रही है। अतः बहुत जरूरी है कि हम कोरोना के साथ ही साथ डेंगू से बचने की तरफ भी ध्यान दें। सब लोग जानते हैं कि डेंगू मच्छर से फैलता है और डेंगू का मच्छर साफ पानी में ही पनपता है।

साफ है कि यदि हम मच्छरों के पनपने को रोक दें तो हम सिर्फ डेंगू ही नहीं बल्कि अन्य मच्छर जनित रोगों से बच सकते हैं। अतः यह अत्यंत आवश्यक है कि मच्छरों को पनपने न दिया जाय एवं साथ ही साथ ऐसे उपाय किये जायें कि मच्छर के काटने से हर संभव ढंग से बचा जाए। इस सम्बंध में पहले के एक लेख में विस्तार से चर्चा की जा चुकी है।

आज बात करेंगे डेंगू की, डेंगू एक वायरस से होने वाली बीमारी है जिसमें बहुत तेज बुखार आता है, साथ में सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, शरीर में दर्द इत्यादि होने लगता है, ज्यादातर मामलों में ये ठीक हो जाता है लेकिन कुछ मामलों में ये घातक भी हो सकता है। यदि आप को बहुत तेज बुखार हो तो जरूरी है कि आप डॉक्टर से सलाह लें।

डेंगू का पता खून की जांच से चल सकता है, कभी-कभी डेंगू में खून में प्लेटलेट्स की संख्या गिरने लगती है, ऐसे में लोग पैनिक करने लगते हैं। ज्यादातर डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या कुछ ही दिनों में नॉर्मल हो जाती है, अतः ज्यादातर को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती, केवल कुछ ही लोगों में जहां डॉक्टर समझें कि जरूरी है उन्ही में ऐसी जरूरत पड़ती हैं। यदि डेंगू बुखार हो तो शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए।

अतः ऐसी अवस्था में जरूरी है कि पेय पदार्थों का एवं पानी का खूब सेवन किया जाय। साथ ही साथ आराम करना भी जरूरी है। दवाइयों का सेवन डॉक्टरी सलाह पर ही करें। अतः अतिआवश्यक है कि हम मच्छरो से बचें और ऐसी स्थिति ही उत्पन्न न होने दें।
(सर्जन, लेखक, सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार) एमडी एमएमबीएचएस ट्रस्ट एवं अध्यक्ष विज्ञान भारती, उत्तराखण्ड।

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