आखिरकार हाईकोर्ट की सख्ती सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए फायदेमंद साबित हुई। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद तेजी में आई राज्य सरकार ने आज आनन-फानन में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में बेहतर सुविधाओं के दृष्टिगत 49 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है।

जिलों को आवंटित इस धनराशि से क्वारंटीन सेंटरों के सैनिटाइजेशन, मरम्मत के साथ-साथ सभी जरूरी सुविधाओं पर अब यह पैसा खर्च किया जा सकेगा।

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प्रदेश शासन द्वारा आज प्रदेश के सभी 13 जिलों को कुल 33 करोड़ रुपये जिलाधिकारियों को जारी कर दिए गए हैं। साथ ही इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग को अलग से 16 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

मालूम हो कि इससे पूर्व शासन की ओर से सभी 13 जिलों को पांच-पांच करोड़ एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई थी। शासन ने अब पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए जल संस्थान को 20 करोड़ और लोक निर्माण विभाग को 30 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है।

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उल्लेखनीय है कि शासन ने यह कार्यवाही हाईकोर्ट की इस मामले में सख्त टिप्पणी के बाद की है। बता दें कि हाईकोर्ट ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना महामारी के चलते बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों की खस्ताहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार को ग्राम पंचायत प्रधानों को बजट जारी करने के लिए कहा था।

हाईकोर्ट ने जिला विधिक प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक यह आदेश जारी करते हुए सरकार से दो हफ्ते में इस व्यवस्था में सुधार करते हुए जवाब दाखिल करने को भी कहा था।

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इन जिलों को मिला तीन-तीन करोड़

नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी और अल्मोड़ा।

इनको मिला दो-दो करोड़

रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं चंपावत।

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