कोरोना के फैलते प्रभाव के बीच हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विद्यार्थियों को राहत देते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि अब विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और तकनीकी शिक्षा के संस्थानों में परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सभी विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में प्रवेश दे दिया जायेगा। बीते कई दिनों से छात्र संगठन इस मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी ने 29 अप्रैल को एक गाइडलाइन जारी करते हुए कहा था कि अगर कोरोना हालात समय रहते नहीं सुधरते हैं तो विद्यार्थियों को अगली कक्षा/ सेमेस्टर में पिछली परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाये। साथ ही यह भी कहा गया था कि फाइनल ईयर के विद्यार्थियों का रिजल्ट भी पिछले सेमेस्टर के रिजल्ट और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर जारी किया जा सकता है।

Haryana University Results: इस फॉर्मूले से दिए जायेंगे मार्क्स/ grades

हरियाणा सरकार ने सभी विद्यार्थियों को मार्क्स/ grades देने की प्रक्रिया भी जारी कर दी है। पिछले सेमेस्टर/ वर्ष की परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत भार दिया जायेगा। बाकी का 50 प्रतिशत भार वर्त्तमान सेमेस्टर के आतंरिक मूल्यांकन (असाइनमेंट) को देकर सभी विद्यार्थियों को मार्क्स / grades दिए जायेंगे।

औसत के आधार पर अगली कक्षा में जायेंगे विद्यार्थी

हरियाणा सरकार ने यह फैसला लिया है कि सभी विद्यार्थियों को पिछली परीक्षा के औसत के अनुसार मार्क्स/ grades दिए जायेंगे। सभी विद्यार्थियों को अगली कक्षा में औसत के आधार पर प्रवेश दिया जायेगा। अगर कोई विद्यार्थी अपने grade सुधारना चाहता है तो वह स्थिति सुधरने पर परीक्षा दे सकता है।

सितम्बर के बाद ही शुरू होगा नया सत्र

मौजूदा हालात देखते हुए तो लगता है कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में नए सत्र की शुरुआत सितम्बर के बाद ही हो पायेगी। संभावना है कि यूजीसी जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया को लेकर नयी गाइडलाइन जारी करेगा। सूत्रों के अनुसार सितम्बर माह के बाद ही नए सत्र का आरम्भ किया जायेगा। अब चूँकि विश्वविद्यालय रिजल्ट जारी कर सकते हैं तो पुराने विद्यार्थियों के प्रवेश को लेकर भी स्थिति जल्द साफ़ होने की उम्मीद है।

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