हरिद्वार। बीते मंगलवार को तड़के सुबह हरकी पैड़ी की दीवार अचानक भर-भराकर अचानक गिर गई थी। उस समय बताया गया था कि दीवार बिजली गिरने से गिरी है, लेकिन दरअसल मामला कुछ और ही निकला। इस बात का खुलासा जिलाधिकारी की ओर से बनाई गई तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में हुआ है। समिति ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दे दी है।

विदित हो कि बीते मंगलवार की तड़के सुबह यहां हरकी पैड़ी पर पुलिस चैकी से सटी दीवार अचानक गिर गई थी, जिसका कारण उस समय बिजली गिरना बताया गया था। उक्त घटना के बाद जब जिलाधिकारी सी रविशंकर ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की और कमेटी द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी तो इस घटना की असली वजह सामने आ गई। तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने मौके पर पहुंचकर कई घंटे तक पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद जिलाधिकारी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी।

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जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि हरकी पैड़ी पर विद्युत लाईन को भूमिगत करने के लिए खुदाई का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के चलते जमीन के अंदर पानी भरने से यह दीवार गिरी है। डीएम सी रविशंकर ने भी इसकी पुष्टि की है। बता दें कि इससे पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल ने भी अपनी रिपोर्ट में आकाशीय बिजली गिरने की बात को सिरे से खारिज किया था।

इधर, जिलाधिकारी हरिद्वार सी रविशंकर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में दीवार गिरने का कारण बिजली की लाइन के लिए की गई खोदाई के बाद पानी भरने को कारण माना है। बताया कि बिजली गिरने की पुष्टि जांच में नहीं हुई। मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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हरिद्वार। प्रदेश में कुछ दिनों से मानसून कहर बरपाने पर लगा हुआ है। बीती सोमवार रात्रि को हर की पैड़ी पर देर रात यहां आकाशीय बिजली गिरने के चलते खासा नुकसान हो गया। हर की पैड़ी के ट्रांसफार्मर पर बिजली गिरने से पूरी दीवार ध्वस्त हो गई। ट्रांसफार्मर के भी परखच्चे उड़ गए। शुक्र हुआ कि कोई जान-मान का नुकसान नहीं हुआ। घटना देर रात करीब ढाई बजे की बताई जा रही है।

इस घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। इधर, पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा के चलते फिर गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। बीते सोमवार दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर बढ़कर 291.60 मीटर तक पहुंच गया है। बता दें कि गंगा का चेतावनी निशान 293 मीटर पर स्थित है।

पहाड़ों पर हो रही इन दिनों भारी वर्षा से गंगा का जल स्तर में खासा इजाफा हो रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गोवर्धनपुर, माडाबेला और बालावाली गांव में बनाई गई बाढ़ राहत चैकियों पर तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

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