Ramzan जिसे कुछ लोग Ramadan भी कहते है पुरे विश्व में बहुत पाक महीना माना जाता है । रमजान इस्लामिक केलिन्डर का नवा महीना होता है जो मुस्लिम समुदाय का बहुत पाक त्यौहार माना जाता है। रमज़ान का महीना चल रहा है लेकिन कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए Ramzan के इस महीने में लोग अपने घरों में रह कर इबादत कर रहे हैं।

Happy Ramzan Mubarak 2020 Images

Happy Ramzan Mubarak Images Greetings Wishes Status

लो आज फिर ईद का चाँद आया, आपने संग ढेर सारी खुशियां साथ लाया, फैली है हर तरफ रौनकों के मेले, हर चेहरा भी चाँद की तरह जग मगाया

Ramzan इस्लामिक कलेंडर का नवा महीना है जिसमे अन्य कलेंडर की तरह ही 12 महीने होते है। Ramzan शब्द अरबी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है अत्यधिक गर्मी, पानी तथा खाने की कमी या झुलसी हुई धरती। इस महीने को बहुत पवित्र और दुवाओ का महीना माना गया है। Ramzan का पाक महीना उस दिन को याद में मनाया जाता है जब कुरान जो इस्लाम को पाक किताब है ने पैगम्बर मुहम्मद साहब क बारे में बताया था। Ramzan की शुरुवात पारम्परिक तरीके से नवें महीने के पहले नए चाँद के साथ होती है।

Happy Ramzan Mubarak 2020 Greetings      

Ramzan के महीने में अत्यधिक गर्मी पड़ती है जिस कारण इस समय में भूखे प्यासे रहना काफी कठिन होता है इसलिए पवित्र किताब कुरान के अनुसार लोग उन लोगो को याद करते हुए रोजा रखते है जिनके  पास खाने को खाना नहीं है तथा इस समय में लोग जरूरतमंदो की मदद भी करते है। ऐसा माना जाता है कि रोज़ा केवल मुंह का नहीं परन्तु अन्य शरीर के भागों का भी होता हैं। इसलिए रोज़ा रखने वाले इंसान को किसी भी प्रकार के बुरे कार्य, बुरा देखना और सुनना आदि से परहेज़ करना चाहिए।

हर साल Ramzan के महीने को तारीख में अंतर आता है क्योकि चाँद निकलने के समय के अनुसार ही इसका निर्णय होता है । इस वर्ष अप्रैल महीने ही 24 तारीख़ को शुक्रवार के दिन पहला रोजा रखा गया था जबकि 2019 में 6 मई को पहला रोजा था । इस वर्ष 24 मई को ईद मनाई जाएगी ।

कैसे मनाया जाता है पूरा Ramzan Mubarak महीना 

इस इबादत के पाक माह के बीच पड़ने वाला मझला रोजा 8 मई, शुक्रवार को था। यह दिन Ramzan के 14वें दिन बहुत निष्ठा और श्रद्धा के साथ मनाया जाता हैं। माना जाता है कि इस दिन मुस्लिम समाज की विभिन्न मासूम जन्म लेने के बाद अपने पहले रोज़े का प्रारंभ करते हैं।

Ramzan के महीने में पहला सहरी और दूसरा इफ्तार सबसे जरूरी होता है। सहरी दिन में सूरज उदय होने से पहले किये जाना वाला भोजन है जो सुबह के समय किया जाता है। सहरी करने वालों को सुन्नत कहा जाता है। शाम के वक्त सूरज डूब जाने पर रोज़ा खोलते हैं जिसे आहार का समय इफ्तार कहा जाता है।

इस महीने में अच्छे काम करने का फल 70 गुना ज्यादा मिलता है। Ramzan Mubarak का महीना बहुत पवित्र है लोग इस महीने हर बुरी बात से दूर रहते है तथा जिन लोगो को मदद की जरूरत है उनकी मदद करते है। राजस्थान के अजमेर में ख़्वाजा साहब की दरगाह, मुस्लिम बहुसंख्य इलाके में मझला रोज़े की वजह से मुस्लिम परिवार काफी उत्साहित है, परन्तु कोरोना महामारी के चलते इस साल मस्जिदों को बंद रखा गया है। इस वैश्विक महामारी के कारण बच्चे घरों पर रहकर ही इबादत करेंगे और अपना पहला रोज़ा करेंगे।

धर्म प्रचारकों ने सभी से विनम्रता पूर्वक अपील की है कि सब मुस्लिम परिवार एवं रोजदार सरकारी लॉकडाउन व नियमों का पालन करें और अपने अपने घरों में रह कर खुदा से दुआ करें।

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