देहरादून। लॉक डाउन के 35 दिन बाद देशभर में फंसे लाखों लोगों के लिए राहतभरी खबर है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों और आम लोगों को सशर्त आवाजाही कराने की छूट दी है। इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकारों को अपने अपने राज्यों में स्वयं उठानी पड़ेगी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 24 मार्च से देशभर में लॉक डाउन किया है। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटक अपने घरों को नहीं जा पा रहे थे। मजदूर अपने घरों को जाने को तैयार हैं, लेकिन राज्य सरकारें व्यवस्था नहीं जुटा पा रही थी। मामला केंद्र तक पहुंचा तो गृह मंत्रालय ने इसका आदेश जारी कर दिया है। मंत्रालय ने 6 प्वाइंट्स की गाइडलाइन राज्यों को भेजी है। इसमें बताया गया है कि कैसे सरकारें इन फंसे हुए लोगों को उनके घर तक पहुंचाने का काम कर सकती हैं। इस सम्बंध में केंद्र ने सभी मुख्य सचिव और हाईपावर कमेटी के सदस्यों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।इधर, केंद्र सरकार की गाइड लाइन के बाद राज्य सरकार लॉक डाउन में फंसे हुए लोगों को लाने और ले जाने की व्यवस्था में जुट गई है। इसके लिए ट्रांस्फोर्ट से लेकर हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ बैठकें शुरू हो गई है। उम्मीद है कि जल्द राज्य सरकार व्यवस्था का खाका सामने रख सकते है। इसके बाद ही देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लोगों को वापस लाने की उम्मीद पूरी होगी।

क्वारंटाइन करना जरूरी

गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों को निर्देश दिए कि जो मजदूर जा रहे और जो वापस आ रहे, उनको सरकारी और होम क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाए। इसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को सौंपी जाए।

मंत्रालय ने राज्यों के लिए 6 प्वाइंट की गाइडलाइन जारी की

-देश के सभी राज्य, केंद्र शासित सरकारें मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को वापस घर भेजे जाने को नोडल अथॉरिटी गठित करें।

-जिस बस में लोगों को ले जाया जाएगा उसे विधिवत सैनिटाइज कर शारीरिक दूरी का पालन कराया जाएगा।

-यदि कहीं कोई ग्रुप फंसा है और वह मूल निवास जाना चाहता है तो राज्य सरकारें आपसी सहमति के साथ छूट देकर मेडिकल जांच के बाद बिना लक्षण वाले को यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।

-सभी राज्य सरकारें फंसे हुए लोगों को घरों तक पहुंचाने के लिए स्वयं रूट चार्ट बनाएंगे।

-इस संबंध में गठित अथॉरिटी अन्य राज्य सरकारों के साथ वार्ता कर फंसे हुए लोगों को भेजने, उन्हें वापस बुलाने का काम करेगी। अथॉरिटी की जिम्मेदारी फंसे हुए लोगों का रजिस्ट्रेशन भी होगी।

-घर पहुंचते ही लोगों की जांच और इसके बाद सभी को 14 दिनों का होम क्वारैंटाइन रहना होगा। इस दौरान सभी को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप हमेशा ऑन रखना होगा। ताकि उनकी निगरानी की जा सके।

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