उत्तराखण्ड के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों की पेंशन के मसले पर प्रदेश सरकार एक बार फिर केंद्र सरकार से रियायत का आग्रह करेगी। उत्तराखण्ड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन आज बुधवार को संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने विपक्ष की ओर से उठाए गए इस मुद्दे का जवाब देते हुए यह जानकारी दी।

कांग्रेस विधायक दल के उपनेता करन माहरा ने बुधवार को नियम 58 के तहत यह मामला उठाया। इस नियम के तहत सदन में मुद्दे पर चर्चा कराई जाती है जिसमें पक्ष-विपक्ष के सदस्य भाग लेते हैं।

प्रदेश में इस समय नई पेंशन स्कीम लागू है जो 2004 में लागूू की गई थी। इस पेंशन स्कीम में करीब 75 हजार कर्मचारी शामिल भी हो चुके हैं। इनकी शिकायत है कि नई पेंशन स्कीम से कर्मचारियों को खासा नुकसान हो रहा है।
इसी शिकायत के आधार पर प्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग कर्मचारी कर रहे हैं और इसके समर्थन में आंदोलन भी जारी है। माहरा ने कहा कि कर्मचारियों की शिकायत है कि वे इस मामले को सरकार के सामने उठा रहे हैं लेकिन सरकार इसे तवज्जो नहीं दे रही है।

इससे कर्मचारियों की नाराजगी में भी इजाफा हो रहा है। करीब 30-40 साल की सरकारी नौकरी के बाद भी पेंशन की व्यवस्था न होने से कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। इस पर संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार एक बार पहले भी केंद्र सरकार से इस मामले में रियायत का आग्रह कर चुकी है। केंद्र सरकार को दोबारा यह प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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