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Saturday, January 29, 2022
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उत्तराखण्ड में स्कूल फीस एवं शिक्षकों के स्कूल आने को लेकर शिक्षा सचिव ने किए आदेश जारी

सूबे के शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने आज जहां स्कूलों में फीस को लेकर आदेश जारी कर दिया, वहीं कोरोना काल एवं स्कूल बंद रहने के दौरान शिक्षकों को स्कूल में आने के लिए बाध्य न किए जाने के संबंध में भी आदेश जारी कर दिए।

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उत्तराखण्ड में वर्तमान में स्कूल फीस को लेकर प्राइवेट स्कूलों के द्वारा की जा रही मनमानी पर सरकार नकेल कसने जा रही है।

पूर्व में भी सरकार द्वारा सभी स्कूलों को केवल ट्यूशन फीस लेने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन इस बार फिर प्राइवेट स्कूलों के द्वारा अभिभावकों पर पूरी फीस जमा करने का प्रेशर बनाया जा रहा है, जिसे देखते हुए शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने पुनः स्पष्ट किया है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं और ऐसे में सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली जा सकती है, वह भी तब जब आनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही हो।

उन्होंने कहा कि ट्यूशन फीस के अतिरिक्त यदि किसी भी विद्यालय द्वारा अन्य किसी भी प्रकार का शुल्क वसूला गया तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिन स्कूलों में आनलाइन पढ़ाई नहीं की जा रही है वह किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं ले सकेंगे।

विदित हो कि वर्ष 2020 में अप्रैल माह से कोरोना के चलते प्रदेश में शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया था और सिर्फ आनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था जारी है। पिछले माह मार्च तक तो स्कूलों के द्वारा ट्यूशन फीस ही ली जाती रही, लेकिन अब अप्रैल माह में कुछ स्कूलों के द्वारा पूरी फीस मांगी जा रही है। आए दिन इस प्रकार शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

नेशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स के अध्यक्ष आरिफ खान ने कहा कि फीस को लेकर निजी स्कूलों की ओर से पूरी मनमानी की जा रही है और इस संबंध में शिक्षा सचिव को भी अवगत कराया गया है और मामले में कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

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