प्रदेश के कृषि, कृषि विपणन, कृषि प्रसंस्करण, कृषि शिक्षा, उद्यान एवं फलोद्योग एवं रेशम विकास मंत्री सुबोध उनियाल ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में खाद्य प्रसंस्करण नीति के सम्बन्ध में विभागीय समीक्षा बैठक की।

मंत्री सुबोध उनियाल ने बैठक में कहा कि राष्ट्रीय खाद्य प्रंसस्करण मिशन योजना से सम्बन्धित रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाय। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य प्रंसस्करण मिशन योजना के अन्तर्गत 08 यूनिट, प्रस्तावों पर विचार विमर्श किया। बताया गया कि राष्ट्रीय खाद्य प्रंसस्करण मिशन योजना उत्तराखण्ड राज्य में अप्रैल 2012 से क्रियान्वित थी। जिसे 2015 में बन्द कर दिया गया था। यह प्रकरण बहुत दिन से विचारधीन के रूप में लम्बित था। जिसके चलते निवेशक हतोत्साहित हो रहे थे।

अब इसे पुनः शुरू करने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है। इस सम्बन्ध में 03 सदस्य टीम जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी और निदेशालय स्तर के अधिकारी की टीम सर्वे करके अपनी रिपोर्ट देगी। इस योजना में योजना में केन्द्र एवं राज्य का प्रतिशत 75ः25 था, केन्द्र द्वारा राष्ट्रीय खाद्य प्रंसस्करण मिशन योजना को वित्तीय सहायता हेतु समाप्त करने के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य प्रंसस्करण मिशन योजना जारी है।

औधानिक कृषको के उत्पादकता और आय बढाने के लिए उत्तराखण्ड इन्टीग्रेटेड हार्टिकलचर डेवलपमेन्ट प्रोजेक्ट के सम्बन्ध में मंत्री ने आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सितम्बर 2021 तक प्रस्ताव को धारातल पर लायें। इसके अन्तर्गत नैनीताल, टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ शामिल है। इसके अन्तर्गत हार्टिकलचर क्षेत्र में कार्य करने वाले कृषको को बेहतर तकनीक उपलब्ध कराना है और हार्टिकलचर क्षेत्र के अवस्थापना विकास को मजबूत करना है।

कृषको की उत्पादकता और आय बढाना इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है। इस योजना को प्रारम्भ में वल्र्ड बैंक द्वारा किया जाना था। परन्तु अब जापान की कम्पनी जायका, (Jica) द जापान इन्टरनेशनल कोआपरेशन एजेन्सी द्वारा किया जायेगा। इस सम्बन्ध में कृषि मंत्री ने जापान का दौरा भी किया था।

इस अवसर पर सचिव, हरबंस सिंह चुघ, निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, हरविन्दर सिंह बावेजा उपनिदेशक उद्यान डाॅ सूरेश राॅय सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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