राज्यपाल एवं प्रदेश के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति बेबी रानी मौर्य के निर्देश पर राज्य के 11 सरकारी विश्वविद्यालयों में इस वर्ष सेम पैटर्न के आधार पर परीक्षाएं सम्पन्न की जाएंगी। राज्यपाल के निर्देश के बाद अब प्रदेश के सभी विवि के कुलपति परीक्षा सम्पन्न कराने की तैयारी में जुट गए हैं।

हालांकि अभी यह तय नहीं किया गया है कि परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित होंगी या फिर ऑफलाइन। विदित हो कि बीते माह मार्च से प्रदेश में जारी लॉकडाउन के चलते सभी विश्वविद्यालय बंद चल रहे हैं। ऐसे में परीक्षाएं भी समय से शुरू नहीं हो सकी हैं। कई विवि द्वारा अपने छात्रों के लिए ऑनलाइन लेक्चर की भी व्यवस्था की गई है।

हालांकि, अभी यह तय किया गया है कि फिलहाल केवल अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर के छात्रों की ही परीक्षाएं कराई जाएंगी। इसके अलावा शेष बचे छात्रों को 50 फीसदी पूर्व के अंकों के आधार पर और 50 फीसदी एसाइनमेंट के अंकों के आधार पर अगले सेमेस्टर में प्रमोट कर दिया जाएगा।

मौजूदा समय में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के सामने यक्ष प्रश्न यह है कि अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं किस प्रकार से संपादित कराई जाए ? विवि की इस चिंता को देखते हुए अभी पिछले दिनों राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सभी वीसी से इस संबंध में वार्ता की थी।

वार्ता के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी 11 राज्य विश्वविद्यालयों में एक समान परीक्षा पैटर्न होना चाहिए और इस जिम्मेदारी का निर्वहन सभी कुलपति करें। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आगामी 20 जून के बाद यह फाइनल हो जाएगा कि परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी या ऑफलाइन। अगर ऑनलाइन होंगी तो उसके लिए जरूरी इंतजाम क्या होंगे और अगर ऑफलाइन होंगी तो छात्रों को कैंपस में रोकने के क्या इंतजाम होंगे।

कुछ विश्वविद्यालयों ने फिलहाल ऑफलाइन परीक्षाओं की तैयारी भी शुरू कर दी है। दूसरी ओर उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रों ने परीक्षा आॅनलाइन करवाने या फिर टाले जाने की मांग की है। इन छात्रों का कहना है कि विवि में अध्ययनरत कई छात्र बाहरी प्रदेशों के भी हैं और वर्तमान में वह अपने घरों में हैं। ऐसे में उनका फिलहाल यहां पहुंचना संभव नहीं है।

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