नई टिहरी। उत्तराखण्ड राज्य के भविष्य का फैसला अब दिल्ली में बैठे नेताओं के द्वारा नहीं होने दिया जाएगा। जल, जंगल, जमीन एवं बेरोजगारी समेत राज्य की तमाम ज्वलंत समस्याओं का ठोस हल निकालने के लिए नये क्षेत्रीय दल का गठन किया जा रहा है, जो मजबूती के साथ पहाड़ की समस्याओं के निदान के लिए संघर्ष करेगा।

यह खुलासा करते हुए पूर्व मंत्री दिनेश धनै ने बताया कि जल्द ही इस नई पार्टी के नाम व कामों के बारे में अवगत कराया जाएगा और इस दिशा में टीम मजबूती के साथ काम कर रही है।

पूर्व मंत्री श्री धनै ने बताया कि पहाड़ के सभी जिलों को पहले फोकस किया जाएगा। सभी पहाड़ी जिलों में पार्टी का मजबूत संगठन तैयार किया जाएगाख् इस संगठन के आधार पर स्थानीय समस्याओं के निदान के लिए संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस नई पार्टी का मुख्यालय नई टिहरी में ही बनाया जाएगा।

पार्टी के गठन एवं पदाधिकारियों के चयन के बाद हर ब्लाक मुख्यालय में पार्टी द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिनके माध्यम से पार्टी अपना एजेंण्डा आम जनमानस के बीच रखेगी और सदस्यता अभियान के साथ आम लोगों की राय के अनुरूप कार्य योजना को मूर्त रूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों से इस कार्य में सहयोग किए जाने की अपील भी की है।


इधर, श्री धनै के इस निर्णय से राज्य गठन के बाद तीसरे विकल्प के रूप में इस नई पार्टी को देखा जा रहा है। तमाम नेता जो शुरूआत से ही तीसरे विकल्प की राह देखते आ रहे हैं उन्हें अब इससे बल मिलता नजर आ रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से लोगों ने इस निर्णय का प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष ढंग से स्वागत करने का दौर प्रारंभ हो गया है।

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