प्रदेश में अब मोबाइल एप पर ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा मिल सकेगी। लोग इस एप के माध्यम से घर बैठे किसी भी बीमारी से पीड़ित होने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श ले सकते हैं। इस सेवा के तहत अभी प्रदेश में 187 अस्पतालों में टेलीमेडिसिन सेवा उपलब्ध है। विभाग की मानें तो इस सेवा से इन अस्पतालों के चार सौ से अधिक चिकित्सक रोगियों को परामर्श देने के लिए जुड़े हैं।

विदित हो कि उत्तराखण्ड के दुर्गम एवं अति दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा की शुरूआत की गई है। पहले तक जहां मोबाइल काॅल के जरिए रोगी अस्पताल में चिकित्सक तक अपनी समस्या पहुंचाता था और उसके बाद उपचार करा पाता था, वहीं अब यह सेवा मोबाइल एप पर भी उपलब्ध कराई जा रही है। कोई भी व्यक्ति गूगल प्ले स्टोर पर जाकर वहां से ई-संजीवनी एप डाउनलोड कर सकता है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में राज्य के डेढ़ हजार से अधिक रोगियों ने ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से अपनी बीमारी का उपचार कराया है। सोमवार से शनिवार तक प्रातः 9.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक रोगी टेलीमेडिसिन सेवा से विशेषज्ञ चिकित्सकों से किसी भी बीमारी के बारे में परामर्श ले सकते हैं।

प्रदेश के सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बताया कि राज्य में टेलीमेडिसिन सेवा को और अधिक बढ़ावा दिए जाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि इस सेवा की खासियत यह है कि मरीजों को घर बैठे ही डॉक्टरों से परामर्श मिल रहा है। उन्हें अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं है। कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों को इस सेवा से जोड़ा जा रहा है। आने वाले समय में सभी लोगों को इस सेवा का लाभ मिल सकेगा।

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