चमोली आपदा के 20वें दिन भी रैणी और तपोवन क्षेत्र में मलबा हटाने और लोगों की खोज का अभियान जारी रहा। आज एक शव कालेश्वर के पास मिला है। आपदा के बाद से अब तक 71 शव और 30 मानव अंग बरामद हो चुके हैं। इनमें 40 शवों और एक मानव अंग की शिनाख्त की जा चुकी है। जिनकी शिनाख्त नहीं हुई है, उनके डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं।

एनटीपीसी के महाप्रबंधक आरपी अहिरवार का कहना है कि हम सुरंग में एसएफटी के समीप तक पहुंच चुके हैं। यहां भारी मात्रा में मलबा और पानी आने से भारी दिक्कतें आ रही हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखकर हम आगे बढ़ रहे हैं। बैराज साइट में भी धौली नदी में भारी भरकम पत्थर को तोड़ने के लिए ब्लास्ट किया जा रहा है, जिससे पानी का प्रभाव बैराज की तरफ न हो।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता उमा भारती ने शुक्रवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र तपोवन और रैणी गांव का भ्रमण कर पीड़ित ग्रामीणों से मुलाकात कर क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वह ग्रामीणों की समस्याओं को प्रदेश और केंद्र सरकार के समक्ष रखेंगी। इस दौरान उमा भारती ने तपोवन में बैराज साइट का भी निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।

चीन सीमा को जोड़ने वाले मलारी हाईवे पर बना पुल ऋषिगंगा की आपदा में बह गया था, जिससे करीब 12 गांवों के साथ ही सीमा पर तैनात सेना और आईटीबीपी के जवानों की आवाजाही बाधित हो गई थी। आवाजाही सुचारु करने के लिए बीआरओ ने यहां पर बैली ब्रिज बनाने का काम शुरू कर दिया था। अब यहां पर गार्डर जोड़ने का काम शुरू हो गया है, जिसके बाद पुल जल्द तैयार हो जाएगा।

आपदा के कुछ दिन बाद ही बीआरओ ने यहां पर बैली ब्रिज बनाने का काम शुरू किया था, लेकिन दोनों तरफ की सपोर्ट दीवार बनाने में समय लग गया। अब बीआरओ ने यहां पर गार्डर जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी महीने में ही पुल बनकर तैयार हो जाएगा।

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ऋषिगंगा की आपदा के बाद से तपोवन सुरंग और बैराज साइट से मलबा हटाने का कार्य जारी है। हालांकि बार-बार सुरंग में हो रहा पानी का रिसाव बचाव कार्य में बाधा पैदा कर रहा है।

विगत सात फरवरी को चमोली में आई आपदा में लापता लोगों को अब मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो सकेगा। केंद्र सरकार ने इसकी अनुमति दे दी है। प्रमाण पत्र तीन श्रेणियों में जारी होंगे। पहली श्रेणी उत्तराखंड निवासियों की है, दूसरी राज्य से बाहर के लोगों और तीसरी पर्यटक श्रेणी है।

ऋषिगंगा की आपदा के 16 वें दिन तीन और शव मिले। टनल से एक शव जबकि श्रीनगर और कीर्तिनगर से दो शव मिले। तीनों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। वहीं तपोवन सुरंग और बैराज साइट से मलबा हटाने का काम जारी है। टनल से अभी तक 15 शव मिल चुके हैं। अलग-अलग जगह से मानव अंग समेत कुल 71 शव मिले हैं जबकि 133 लोग अभी भी लापता हैं।

वहीं आज सोमवार को चमोली जिले में आई आपदा का 16वां दिन है और सात फरवरी को ऋषिगंगा में आई आपदा के बाद से तपोवन सुरंग और बैराज साइट से मलबा हटाने का कार्य जारी है। हालांकि बार-बार सुरंग में हो रहा पानी का रिसाव बचाव कार्य में बाधा पैदा कर रहा है। वहीं एनडीआरएफ का कहना है कि सुरंग में 171 मीटर तक खोदाई हो चुकी है।

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