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Monday, June 14, 2021
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चमोली आपदाः 60 दिन बाद तपोवन क्षेत्र से एक और शव बरामद

बीती 7 फरवरी को उत्तराखंड के चमोली जिले में आई ऋषिगंगा आपदा को दो माह से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन इस आपदा में लापता लोगों के शव अभी भी बरामद हो रहे हैं।

आज गुरुवार को आपदा प्रभावित तपोवन क्षेत्र से एक और शव बरामद हुआ है। इसके बाद अब कुल मृतकों की संख्या 78 हो गई है। बताया गया है कि अभी भी एनटीपीसी के बैराज और टनल के भीतर खोज का कार्य जारी है।

विदित हो कि ऋषि गंगा में आई बाढ़ में अभी तक विभिन्न स्थानों से 78 शव और 35 मानव अंग बरामद हो चुके हैं, जबकि अभी भी 127 लोग लापता हैं। ज्ञात हो कि इस आपदा में 205 लोग लापता हो गए थे।

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उत्तराखंड के चमोली में आपदा के करीब दो महीने बाद रैणी गांव के समीप ऋषि गंगा में एक महिला का शव मिला। शव क्षत विक्षत है। यहां आसपास आवारा कुत्ते घूम रहे थे, जिससे आशंका है कि शव को कुत्तों ने नोंच लिया होगा। ऋषि गंगा की जलप्रलय में अभी तक अलग-अलग स्थानों से 77 शव और 35 मानव अंग बरामद हो चुके हैं जबकि अभी भी 128 लोग लापता चल रहे हैं। ऋषि गंगा की आपदा में 205 लोग लापता हो गए थे।

ऋषिगंगा की आपदा के बाद से रैणी और तपोवन क्षेत्र में चलाए जा रहे खोज अभियान पर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऋषिगंगा पावर हाउस साइट में खोज अभियान नहीं चलाया गया, जिस कारण कई शव अभी भी मलबे में ही दबे हुए हैं।

रैणी गांव निवासी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संग्राम सिंह और पूरण सिंह राणा का कहना है कि ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट के पावर हाउस साइट में अभी तक शवों को तलाशने का काम शुरू नहीं किया गया है। प्रशासन और कंपनी की लापरवाही के कारण यहां दबे लोगों का कुछ पता नहीं चल पा रहा है।

स्थानीय लोग शुरू से प्रशासन से इस क्षेत्र में लापता की तलाश की मांग कर रहे हैं। कहा कि खोज अभियान में हो रही लापरवाही के कारण अब कुत्तों को जहां शव दिखे वह शवों को नोचने लग गए हैं। उन्होंने प्रशासन और कंपनी से पावर हाउस साइट में शवों को तलाशने का काम शुरू करने की मांग की।

एसडीएम जोशीमठ कुमकुम जोशी ने कहा कि जहां-जहां लोगों ने कहा वहां खोज अभियान चलाया गया। पावर हाउस साइट में दलदल था, बचाव कर्मियों की सुरक्षा को भी देखना था, इसलिए वहां अभियान नहीं चलाया। दलदल कुछ कम हुआ होगा तो वहां भी अभियान चलाने का प्रयास करेंगे।

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