आज सुबह दस बजे हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। विदित हो कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते इस साल तीन माह बाद जाकर हेमकुंड साहिब के कपाट खुले हैं। इस बार सिर्फ एक माह छह दिन के लिए ही हेमकुंड साहिब के दर्शन किए जा सकेंगे।

शुक्रवार को पंच प्यारों की अगुवाई में हेमकुंड साहिब में 105 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं का यह जत्था कल गुरूवार को गोविन्दघाट से हेमकुंड के लिए रवाना हुआ था जिसने रात्रि विश्राम घांघरिया में किया और आज शुक्रवार सुबह हेमकुंड पहुंचकर कपाट खुलने के बाद दर्शन किए।

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चमोली। हेमकुंड साहिब के कपाट कल 4 सितंबर को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसके लिए गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने हेमकुंड साहिब के कपाट खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। गुरुवार को आज पंच प्यारे के नेतृत्व में गोविंदघाट गुरुद्वारे से श्रद्धालुओं का पहला जत्था हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हो गया है।

विविदत हो कि कल 4 सितंबर शुक्रवार को हेमकुंड साहिब के कपाट प्रातः 10 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। गुरुद्वारा कमेटी की ओर से हेमकुंड साहिब में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन द्वारा भी यात्रा मार्ग पर सभी जरूरी सुविधाओं को बहाल कर दिया गया है।

गोविंदधाम गुरुद्वारे के मुख्य प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि गोविंदघाट गुरुद्वारे में शबद कीर्तन के बाद सुबह साढ़े नौ बजे पंच प्यारे के साथ श्रद्धालुओं का जत्था हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हो गया है। कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने वाले हर श्रद्धालु को 72 घंटे पहले कोविड का आरटीपीसीआर टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।

बताया गया है कि एक दिन में अधिकतम 200 श्रद्धालुओं को ही गोविंदघाट से हेमकुंड जाने की अनुमति मिलेगी। यात्रा लगभग एक महीने और 5 दिनों तक चलेगी। यात्रा के दौरान गुरुद्वारों में शारीरिक दूरी, मास्क पहनना एवं कोविड के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।

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