उत्तराखण्ड में आज से चारधाम यात्रा शुरू हो गई। यात्रा के पहले दिन आज बुद्धवार को चारों धामों में 422 श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। धामों में इस दौरान थर्मल स्केनिंग, फेस मास्क एवं शारीरिक दूरी के नियमों का पूरा पालन किया गया।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड में हर वर्ष चारधाम यात्रा अप्रैल से प्रारंभ हो जाती है। इस बार चारधाम के कपाट मई में खुल गए थे लेकिन कोरोना महामारी के चलते चारधाम में किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश की अनुमति नहीं प्रदान की गई थी। इस बीच उत्तराखण्ड देवस्थानम बोर्ड द्वारा राज्य सरकार की अनुमति से चारधाम यात्रा को आज से शुरू करने का निर्णय लिया।

हालांकि अभी सिर्फ उत्तराखण्ड के लोगों को ही चारधाम यात्रा की अनुमति प्रदान की गई है। यदि स्थितियां सामान्य रही तो आने वाले समय में बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं को भी चारधाम में प्रवेश की इजाजत मिल सकेगी। चारधाम यात्रा के पहले दिन ई-पास के माध्यम से आज बदरीनाथ में 154, केदारनाथ में 165, गंगोत्री में 55 एवं यमुनोत्री में 48 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

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चमोली। कल एक जुलाई से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के लिए प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। फिलहाल अभी बदरीनाथ धाम में किसी भी यात्री को रात में रुकने की अनुमति नहीं होगी। बदरीनाथ के दर्शनों के लिए पास फिलहाल लामबगड़ स्थित चेकपोस्ट पर बनाए जाएंगे।

जिला प्रशासन चमोली के मुताबिक शाम चार बजे के बाद लामबगड़ से किसी भी यात्री को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। बदरीनाथ में रात्रि विश्राम को लेकर यह बात सामने आ रही है कि अभी तक धाम में किसी भी बाहरी व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं थी।

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ऐसे में धाम में काम करने वाले बाहरी लोग यहां नहीं आ पाए जिस कारण अभी तक धाम में होटल आदि में मरम्मत आदि के कार्य नहीं हो पाए हैं जिस चलते अभी यहां होटल आदि में रात्रि विश्राम लायक कोई व्यवस्था नहीं बन पाई है। बदरीनाथ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने बताया कि बाहर के व्यवसायियों के साथ-साथ स्थानीय होटल व्यवसायियों को भी धाम में व्यवस्था बनाने में समय लगेगा।

इस संबंध में एसडीएम जोशीमठ अनिल चन्याल ने बताया कि बदरीनाथ धाम में एक बार में सीमित यात्री ही जा सकेंगे। बदरीनाथ धाम में 1000 से 1200 तक यात्री एक दिन में दर्शन कर सकेंगे, सभी यात्रियों को दर्शन कर वापस लौटना होगा।

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