मानसून सत्र में टि्वटर अभियान के माध्यम से 1 अगस्त को करेंगे पुरानी पेंशन बहाली की मांग

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राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने कहा कि पुरानी पेंशन पारिवारिक पेंशन बहाली पर सरकार का एकमात्र जवाब होता है कि इससे सरकार पर बहुत ज्यादा आर्थिक भार आएगा। इधर संयुक्त मोर्चा ने कहा कि यह सच नहीं है बल्कि इससे उलट नेशनल पेंशन स्कीम लागू रखने से सरकार को बहुत ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार को कर्मचारी के 10% के बराबर सरकारी स्कीम के अंतर्गत अंश प्रत्येक माह नेशनल स्कीम के अंतर्गत जमा करना अनिवार्य होता है।


जो कि अब बढ़कर 14% हो गया है। वहीं कुछ राज्य सरकारें इस बोझ को नियमित नहीं उठा पा रही हैं और कर्मचारी के आलोचना का केंद्र बन रही है। क्योंकि कर्मचारी को इसके ब्याज के रूप में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वही उनका कहना है कि सरकार के पास एकमात्र उपाय है कि वह पुरानी पेंशन या पारिवारिक पेंशन बहाल कर दें।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत सरकार 50% वापस लेकर सरकारी खजाने में जमा करें और 50% कर्मचारियों को जमा राशि जीपीएफ खाता खोल कर उस पर जमा कर दें। 50% सरकारी खजाने में जमा होने से सरकार की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा सुदृढ़ हो जाएगी।

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को पुरजोर तरीके से राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत के नेतृत्व में पूरे देश के लाखों कर्मिक आवाज उठा रहे हैं। वहीं मानसून सत्र में टि्वटर अभियान के माध्यम से 1 अगस्त 2021 को पेंशन बहाली की मांग रखी जाएगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत ने कहा कि अभी कोरोना संकट होने के कारण सड़कों पर उतरना देश हित मैं ठीक नहीं है।


यदि केंद्र सरकार एनपीएस कार्मिकों के हित में कोई बड़ा फैसला नहीं लेती है तो कोरोना के स्थिति ठीक होते हैं राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के द्वारा संसद मार्च किया जाएगा। ट्विटर अभियान को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा द्वारा सभी पेंशन विहीन साथियों से बढ़ चढ़ कर ट्विटर अभियान में प्रतिभाग करने हेतु आग्रह किया गया है।

इस अवसर पर राजीव उनियाल, हिमांशु जगूड़ी, संदीप मैठाणी, रमेश नेगी, विनय रावत, जगदीश वर्धन, दीपक मियाँ आदि साथियों द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।

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