सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज मंगलवार को यहां राजधानी देहरादून स्थित गढ़वाल कमिश्रर कैंप कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के उक्त कार्यालय में पहुंचने पर अधिकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ओम प्रकाश भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। सीएम ने वहां मौजूद उपस्थिति रजिस्टर में हाजिरी दर्ज न करने वाले कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान 11 में से चार कर्मचारी ही उपस्थित मिले।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री श्री रावत आयुक्त कार्यालय में फाइल लटकाने के मामले को लेकर मिल रही शिकायतों के मध्यनजर आयुक्त के शिविर कार्यालय में पहुंचे। बताया जा रहा है कि इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा बड़ी कार्रवाई किए जाने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कार्यालय की उपस्थिति पंजिका का भी निरीक्षण किया। जिसमें कई कार्मिकों के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। वहीं फाइलों के मूवमेंट को लेकर बड़ी खामियां मिली हैं। बता दें कि देहरादून के स्तर पर तैयार होने वाली फाइल और डाक पौड़ी मुख्यालय भेजी जाती है।

इन फाइलों के निस्तारण में अत्यधिक विलंब हो रहा है। जिसे लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने स्टाफ को फटकार भी लगाई। इस दौरान काम में लापरवाही कर रहे कुछ कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।

वहीं स्टाफ का कहना है कि मौखिक आदेश पर फाइलें पौड़ी भेजी जाती हैं। कुछ साल पहले कमिश्नर कार्यालय के पीएस ने यह आदेश दिया था। जिस पर मुख्य सचिव ने हैरानी जताई। उन्होंने जल्द इस व्यवस्था को बदलने के निर्देश दिए।

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