08.06.2020: आज सोमवार डीएम रुद्रप्रयाग और डीएम चमोली के साथ बैठक में मौजूद होटल व्यवसाय मालिकों, हक-हकूकधारियों तथा व्यापार संघ के लोगो के साथ सर्व सम्मत्ति से यह निर्णय लिया गया की केदारनाथ धाम तथा बद्रीनाथ धाम की यात्रा 30 जून से पहले शुरू ना करवाई जाए।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए तथा होटल की साफ़ सफाई के लिए होटल मालिकों ने डीएम से एक दिन के लिए बद्रीनाथ धाम जाने की आज्ञा ली है जिससे सैनिटाईजैसन का काम किया जा सके।

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमित लोगो की तादाद को देख कर यह फैसला जनहित के लिए लिया गया है। चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत ने प्रदेश सरकार से चारधाम यात्रा 8 जून के बजाय 30 जून से पहले प्रारंभ न करने की अपील की है। इस संबंध में महापंचायत ने प्रदेश मुख्यमंत्री और पर्यटन सचिव को पत्र भेजा है। महापंचायत ने इस पत्र में देवस्थानम बोर्ड को निरस्त करने की भी मांग की गई है।

उधर, जिला प्रशासन चारधाम यात्रा को लेकर सभी प्रमुख तैयारी करने में लगा हुआ है। भू-बैकुंठ धाम श्री बदरीनाथ में शारीरिक दूरी को लेकर धाम परिसर में गोले बनाए जा रहे हैं।

महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोठियाल ने कॉंफ्रेंस के बाद बताया कि चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत ने आज रविवार को वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी आठ जून से चारधाम यात्रा के शुरू होने के प्रदेश सरकार के निर्णय पर व्यापक विचार विमर्श किया।

उन्होंने बताया कि सभी लोगों के द्वारा एक स्वर में यह बात कही गई है कि कोरोना महामारी के चलते फिलहाल आठ जून से यात्रा शुरू करवाना किसी भी दशा में सही कदम नहीं है। इस फैसले पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। कहा कि महापंचायत भी यात्रा शुरू करवाने की पक्षधर है लेकिन इसके लिए सही समय का चुनाव किया जाना जरूरी है।

इस कॉंफ्रेंस में महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी, लक्ष्मीनारायण, जगमोहन उनियाल, जमुना प्रसाद, राजीव सेमवाल, दुर्गा प्रसाद भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। वहीं, प्रशासन यात्रा शुरू करने की तैयारी में जुटा है।

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