पिथौरागढ़। भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला सेनर गाड़ पर बना पुल आज टूट गया। सामरिक दृष्टि से अहम यह पुल आज उस समय टूट गया जब इससे एक ट्राला गुजर रहा था। इस ट्राले में पोकलैंड मशीन लदी हुई थी। इस दुर्घटना में ट्राला का चालक और पोकलैंड ऑपरेटर दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।

  पढ़ें कोरोना अपडेट-  प्रदेश में आज मिले 57 मामले, संख्या पहुंची 2401

सेनरगाड़ में इस पुल के टूटने से अब चीन सीमा से संपर्क टूट गया है। इस हादसे के बाद फिलहाल सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी की परेशानियां बढ़ गई हैं। इसी मार्ग से भारतीय जवानों को रसद और खाद्य सामग्री पहुंचाई जाती है।

सोमवार को हुए इस हादसे की सूचना पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने ट्राला चालक गोवर्धन सिंह निवासी लमगड़ा अल्मोड़ा और पोकलैंड ऑपरेटर लखविन्दर सिंह निवासी पंजाब को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डाक्टरों का कहना है कि दोनों घायलों के स्वास्थ्य में सुधार है।

  पढ़ें- Corona effect: इस साल नहीं होगी कांवड़ यात्रा

बताया जा रहा है कि उक्त मशीन सड़क निर्माण के लिए ले जाई जा रही थी। ट्राला वाहन संख्या यूके 04 सीबी 5138 के पुल से चढ़ते ही पुल सेनर गाड़ में समा गया।

सेनर गाड़ में पुल टूटने से जहां सेना की दिक्कतें बढ़ गई हैं वहीं सीमांत के दो दर्जन से अधिक माइग्रेशन वाले गांवों का मुनस्यारी मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। इस पुल के टूटने से लास्पा, खिलाच रिलकोट, टोला, पांछू, मल्ला जोहार, मिलम, धापा, गनघर, क्वीरीजिमिया, बुईपातों, साईपोलो, लीलम, विल्जू, बूर्फू आदि गांवों का संपर्क टूट गया है।

  यह भी जानें –  उत्तराखण्ड में कल 23 जून को मानसून आने की संभावना

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here