Friday, January 22, 2021
Home Blog

उत्तराखण्ड के टिहरी में पति ने की अपनी पत्नी की हत्या

0
उत्तराखण्ड के टिहरी में पति ने की अपनी पत्नी की हत्या

उत्तराखंड के टिहरी जिले के घनसाली थानांतर्गत नेलचामी पट्टी के थार्ती गावं में एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुचीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है।

पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह थार्ती गांव के महड़ तोक निवासी 33 वर्षीय विक्रम सिंह पुत्र रूपचंद की सुबह करीब नौ बजे अपनी पत्नी शशि देवी (उम्र 27) वर्ष से किसी बात पर बहस हो गई। देखते ही देखते उसने गुस्से में आकर अपनी पत्नी पर चाकू से कई बार वार कर दिए। जिसके बाद पत्नी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बताया गया है कि आरोपी की शादी 2016 में हुई थी और उसका तीन साल का एक बेटा है।

युवक पहले होटल में नौकरी करता था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से नौकरी चले जाने के बाद घर पर ही रह रहा था। घटना की सूचना पर एसओ कुलदीप शाह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की जांच की जा रही है।

सचिवालय में अब पूर्व की भांति आगंतुकों और मीडिया कर्मियों को प्रवेश की अनुमति

0
सचिवालय में अब पूर्व की भांति आगंतुकों और मीडिया कर्मियों को प्रवेश की अनुमति

उत्तराखंड सरकार ने बाहरी आगंतुकों और मीडिया कर्मियों के लिए सचिवालय में प्रवेश से रोक हटा दी है। कोविड-19 संक्रमण के चलते प्रदेश सरकार ने सचिवालय में अधिकारियों व कर्मचारियों को छोड़कर बाकी सभी लोगों का प्रवेश बीते करीब पांच माह पूर्व प्रतिबंधित कर दिया था।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर आज बृहस्पतिवार को सचिवालय प्रशासन विभाग ने बाहरी लोगों और मीडिया कर्मचारियों को प्रवेश की अनुमति दे दी है।

आज बृहस्पतिवार को अपर मुख्य सचिव (एसएडी) राधा रतूड़ी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक, सचिवालय प्रशासन ने तीन सितंबर को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव व रोकथाम के लिए प्रवेश को सीमित कर दिया था।

महानुभावों, दर्जाधारियों, विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को ही सचिवालय में प्रवेश की अनुमति दी गई। अब प्रदेश में कोरोना के कम होते प्रभाव को देखते हुए अपर मुख्य सचिव ने पूर्व में जारी आदेश को खत्म करते हुए बाहरी आगंतुकों और पत्रकारों को पूर्व की भांति प्रवेश की अनुमति दे दी गई।

सरकार ने आदेश कर दिये हैं कि बगैर मास्क या फेस कवर के किसी को भी सचिवालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वह इस पर निगाह रखें। उन्हें यह भी देखना है कि बाहरी व्यक्ति ने जिस अधिकारी से मुलाकात के लिए प्रवेशपत्र प्राप्त किया है, वह उसी अधिकारी से ही मिले। बाहरी आगंतुकों को पास जारी होने के समय से दो घंटे तक ही सचिवालय में परिसर में रहने की अनुमति होगी।

Corona Vaccination in Uttarakhand: उत्तराखण्ड में आज 2087 स्वास्थ्य कर्मियों को लगा टीका

0
Corona Vaccination in Uttarakhand: उत्तराखण्ड में पहले दिन 2226 स्वास्थ्य कर्मियों को लगा टीका

उत्तराखण्ड में कोरोना वायरस के खात्मे के लिए निर्णायक जंग की शुरुआत हो गई है। इसी कड़ी में बीते शनिवार से उत्तराखंड में भी कोरोना के बचाव हेतु टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हो गया। प्रदेश में आज 13 जिलों में टीकाकरण के लिए निर्धारित 34 केंद्रों (चिकित्सा इकाइयों) पर 8206 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण होना था, जिनमें 2087 को टीका लगाया गया। इससे पूर्व बीते सोमवार को 13 जिलों में टीकाकरण के लिए निर्धारित 34 केंद्रों (चिकित्सा इकाइयों) पर 1961 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया।

उत्तराखण्ड में जिला वार टीकाकरण का विवरण

 

Death corona Uttarakhand: उत्तराखण्ड में आज 4 कोरोना रोगियों की मौत

0
Death corona Uttarakhand: कोरोना संक्रमित एक रोगी की मौत

देहरादून। उत्तराखण्ड में आज कोरोना संक्रमित 4 रोगियों की मौत हो गई। इनमें 2 रोगी की मौत एम्स अस्पताल में,  एक रोगी की मौत कैलाश अस्पताल में एवं एक रोगी की मौत सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में हुई है।

प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक एम्स अस्पताल में 68 वर्षीय पुरुष एवं 64 वर्षीय पुरुष की मौत हो गई। कैलाश अस्पताल में 93 वर्षीय पुरुष की मौत हो गई। सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में 82 वर्षीय पुरुष की मौत हो गई।

Uttarakhand Update: प्रदेश में कोरोना के आज 162 मामले, अब तक 95354

कोरोना रोगियों की मौत का विवरण

जनपद संख्या

अल्मोड़ा 25
बागेश्वर 18
चमोली 15
चंपावत 9
देहरादून 921
हरिद्वार 152
नैनीताल 225
पौड़ी 58
पिथौरागढ़ 45
रूद्रप्रयाग 10
टिहरी 16
यूएस नगर 115
उत्तरकाशी 17

Uttarakhand COVID-19 Update: उत्तराखंड में कोरोना के आज 162 मामले, संख्या पहुंची 95354

0
Uttarakhand COVID-19 Update
प्रतीकात्मक फोटो pexels.com

उत्तराखण्ड में बीते मार्च माह 2020 से शुरू हुआ कोरोना महामारी का प्रकोप जहां बीते सितंबर माह में चरम पर पहुंच गया था, वहीं एक बार अब निरंतर कोरोना रोगियों के नए मामलों में कमी आ रही है। अभी पिछले करीब एक सप्ताह की बात करें तो प्रदेश में तीन सौ से लेकर पांच सौ के बीच नये मामले सामने आ रहे हैं।

गुरुवार को आज प्रदेश में कोरोना के 162 नये मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में कोरोना रोगियों की संख्या बढ़कर 95354 तक पहुंच गई है। अभी तक प्रदेश में कोरोना के 90547 रोगी स्वस्थ्य हो चुके हैं। 

गुरुवार को आज प्रदेश में आए कोरोना के नये मामलों में अल्मोड़ा में 4, बागेश्वर में 1, चमोली में 2, चम्पावत में 1, देहरादून में 67, हरिद्वार में 21, नैनीताल में 54, पौड़ी में 0, पिथौरागढ़ में 3, रुद्रप्रयाग में 1, टिहरी में 2, ऊधमसिंह नगर में 4 एवं उत्तरकाशी में 2 मामले शामिल है।

Death corona Uttarakhand: उत्तराखण्ड में आज 4 कोरोना रोगियों की मौत

आज गुरुवार को प्रदेश में विभिन्न अस्पतालों से 283 कोरोना के रोगी डिस्चार्ज किये गए।

उत्तराखण्ड में जिला वार रोगियों का विवरण

जनपद

संक्रमित रोगी

स्वस्थ्य रोगी

मौत

अल्मोड़ा

3246

2956

25 

बागेश्वर

1536

1381

18

चमोली

3454

3269

15

चंपावत

1807

1721

9

देहरादून

28915

27129

921

हरिद्धार

13874

13321

152

नैनीताल

12377

11752

225

पौड़ी

5143

5004

58

पिथौरागढ़

3336

3211

45

रूद्रप्रयाग

2259

2210

10

टिहरी

4219

3959

16

ऊधमसिंह नगर

11401

11048

115

उत्तरकाशी

3787

3586

17

योग

95354

90547

1626

 

कृषि कानूनों का विरोधः उत्तराखंड के इस गांव में भाजपा नेताओं का प्रवेश निषेध

0
कृषि कानूनों का विरोधः उत्तराखंड के इस गांव में भाजपा नेताओं का प्रवेश निषेध

देश में वर्तमान में कृषि कानूनों के विरोध के चलते किसान आंदोलित हैं। किसान आंदोलन के समर्थन में उत्तराखंड के इस गांव में अब भाजपा नेताओं का प्रवेश निषेध कर दिया गया है। बकायदा इसके लिए गांव के बाहर बोर्ड लगाया गया है।

प्रदेश के ऊधमसिंह नगर जिले के अंतर्गत जसपुर की ग्राम पंचायत मनोरथपुर के ग्राम मलपुरी के निवासियों ने कृषि कानूनों के विरोध के चलते भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं को किसान विरोधी बताकर उनका प्रवेश ग्राम में निषेध कर दिया है।

ग्राम मलपुरी में ग्राम वासियों ने ग्राम के बाहर विद्युत पोलों पर बोर्ड लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं, नेताओं से ग्राम में नहीं आने का अनुरोध किया है। कहा की यदि वह उनके ग्राम में आते हैं तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ग्रामवासियों की नहीं है। वह स्वयं अपनी सुरक्षा के जिम्मेदार होंगे।

ग्रामीणों ने पंचायत कर कहा की केंद्र में भाजपा की सरकार है। किसान संगठनों की मांग पर केंद्र सरकार किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस नहीं कर रही है। अब तक 70 से अधिक किसान अपनी शहादत दे चुके हैं। इससे ग्रामीण भाजपा से आक्रोशित हैं। पंचायत में पूर्व प्रधान सुबा सिंह, अवतार सिंह, नवदीप सिंह, अर्जुन सिंह, राजू सिंह, जितेंद्र सिंह, परमजीत सिंह, मनिंदर सिंह आदि उपस्थित थे।

वहीं हरिद्वार में महानगर यूथ कांग्रेस ने किसान आंदोलन के समर्थन में दिल्ली में देश का नक्शा तैयार करने के लिए हरिद्वार में एक मुट्ठी मिट्टी एकत्र की। इस मिट्टी से दिल्ली में नक्शा तैयार किया जाएगा। यूथ कांग्रेस ‘एक मुट्ठी मिट्टी शहीदों के नाम’ अभियान के बाद यह मिट्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजेगी। महानगर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष आकाश भाटी के नेतृत्व में ‘एक मुट्ठी मिट्टी शहीदों के नाम’ अभियान शुरू किया गया।

कहा कि देश का किसान सड़कों पर है। 45 दिन के अंदर कई किसान शहीद हो चुके हैं। जबकि प्रधानमंत्री कॉरपोरेट घरानों के दबाव में भारी विरोध और शहादत के बाद भी नए कृषि कानून को वापस लेने के लिए तैयार नहीं है। कहा कि कांग्रेस देश का नक्शा तैयार करने के लिए हरिद्वार से मिट्टी भेज रही है।

Uttarakhand Weather: शुक्रवार के बाद उत्तराखण्ड में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना

0
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में बढ़ने लगी अब ठंड, मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का प्रकोप

मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार के बाद उत्तराखण्ड में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरूवार देर शाम बाद हल्का कोहरा रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मंगलवार को तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस का इजाफा होने के बाद बुधवार को ज्यादातर शहरों में पारा सामान्य के करीब रहा। दिन में धूप खिलने के बावजूद सर्द हवाएं चलती रहीं। बताया कि अगले दो दिनों तक मौसम इसी तरह रहेगा। शुक्रवार के बाद कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं, हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिले में कोहरा छाया रहेगा।

पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रहे हिमपात के कारण निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई है। निचले इलाकों में पाला पड़ने से बागवानी और खेती को काफी नुकसान पहुंच रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र हंसलिंग, राजरंभा, पंचाचूली सहित कई अन्य हिस्सों में बुधवार को बर्फबारी हुई जबकि मुनस्यारी में दिनभर बादल छाए रहे।

इस कारण मुनस्यारी का अधिकतम तापमान सात डिग्री और न्यूनतम तापमान एक डिग्री दर्ज किया गया। इधर जिला मुख्यालय के कई स्थानों पर हल्के बादलों के बीच धूप दिखी। रात के समय निचले इलाकों में मौसम साफ रहने के कारण काफी पाला पड़ रहा है। इससे बागवानी और खेती को नुकसान हो रहा है।

हरिद्वार का मौसम हर दिन करवट बदल रहा है। कभी धूप तो कभी धुंध छा रही है। सुबह-शाम शीतलहर चलने से बुधवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान दो डिग्री लुढ़क गया। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक शीतलहर की संभावना जताई है। मौसमी उतार-चढ़ाव में लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है।

निजी और सरकारी अस्पताल की ओपीडी में बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक पीड़ित हो रहे हैं। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का सीधा असर हरिद्वार में देखने को मिलता है। हरिद्वार क्षेत्र में दिसंबर से मौसम लगातार रंग बदल रहा है। देहात क्षेत्रों में सुबह लगातार कोहरा आ रहा है।

जबकि हरिद्वार शहर में सुबह-शाम शीतलहर चल रही है। मौसम विभाग की ऋतु आलोकशाला के रिसर्च सुपरवाइजर नरेंद्र रावत के मुुताबिक जनवरी आखिर तक मौसम का उतार-चढ़ाव बना रहेगा। बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 4.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

मंगलवार को अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री और न्यूनतम 6 डिग्री रहा था। शुक्रवार तक शीतलहर की संभावना बनी है। सुबह-शाम शीतलहर और दोपहर में धूप खिलने से लोग लापरवाही बरत रहे हैं। जिला अस्पताल डॉ. संदीप टंडन के मुताबिक लापरवाही से बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीज बढ़े हैं। बच्चे विंटर डायरिया और निमोनिया के शिकार हो रहे हैं। ब्लड प्रेसर, अस्थमा, दिल की बीमारी से पीड़ित बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।

उत्तराखण्ड का सबसे लंबी दूरी का फ्लाईओवर वाहनों की आवाजाही के लिए खुला

0
उत्तराखण्ड का सबसे लंबी दूरी का फ्लाईओवर वाहनों की आवाजाही के लिए खुला

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 पर नवनिर्मित प्रदेश का सबसे लंबी दूरी वाला हरिपुरकलां फ्लाईओवर को आज गुरुवार को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। यह फ्लाईओवर गुरुवार को सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर वाहनों के लिए खोल दिया गया।

अभी देहरादून से हरिद्वार के लिए वाहनों की आवाजाही हो पाई है, जबकि हरिद्वार से आने वाले वाहनों को अभी भी पुराने रेलवे फाटक से आना पड़ रहा है। दूसरे ट्रैक पर शेष रह गए कार्य को तेजी से निपटाया जा रहा है।

फ्लाईओवर पर काम के चलते कार्यदायी संस्था के अधिकारी बुधवार को देर रात तक फ्लाईओवर को खुलवाने की बात कहते रहे। देर रात तक फ्लाईओवर पर काम चल रहा था। रायवाला के जंगल से हरिपुरकलां मुख्य बाजार तक करीब दो किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर को बुधवार को वाहनों के लिए खोला जाना था। फ्लाईओवर पर फाइनल काम के चलते यह वाहनों के लिए नहीं खुल पाया। दो दिन पहले ट्रायल कर राजमार्ग प्रशासन की ओर से सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया था।

लेकिन इंजीनियरों के कहने पर कुछ स्थानों पर अभी काम किया जाना है। बुधवार देर रात तक कार्यदायी संस्था के मजदूर फ्लाईओवर को फाइनल टच देने में जुुटे थे। कार्यदायी संस्था के मुख्य परियोजना प्रबंधक सतीश कुमार ने बताया कि बुधवार को फ्लाईओवर को यातायात के लिए खोल दिया जाना था। लेकिन काम होने के कारण फ्लाईओवर वाहनों के लिए गुरुवार को खोला जा सका।

हरिपुरकलां फ्लाईओवर से दून-हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर अब लोगों को मोतीचूर रेलवे क्रॉसिंग फाटक पर जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग के नवनिर्मित हरिपुरकलां फ्लाईओवर की लंबाई करीब दो किमी है, जो प्रदेश का सबसे लंबी दूरी का फ्लाईओवर है।

फ्लाईओवर से गुजरने वाले वाहन देहरादून जिले के प्रवेश द्वार सप्तऋषि चेक पोस्ट से शुरू होकर हरिपुरकलां का मुख्य बाजार, सूखी नदी और राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रवेश द्वार और जंगल क्षेत्र को पार कराकर राजाजी के मध्य वन क्षेत्र में तीन मोरी पुलिया तक पहुंचता है।

फ्लाईओवर के खुल जाने से आने-जाने वाले वाहन चालकों बड़ी राहत मिलने जा रही है। उन्हें अब इस क्षेत्र में जाम की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।

डोईवाला विकासखण्ड की 30 प्रतिशत कमीशनखोरी के खिलाफ धरना जारी

0
डोईवाला विकासखण्ड की 30 प्रतिशत कमीशनखोरी के खिलाफ धरना जारी

डोईवाला विकासखण्ड की 30 प्रतिशत कमीशनखोरी के खिलाफ आंदोलनकारियों का धरना जारी है। बुद्धवार को धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने धरने के छठवे दिन सवाल नंबर छठा रिलीज किया।

उजपा नेता कनक धनै ने बताया कि विस्थापित ग्रामसभाओं को राजस्व का दर्जा विगत बीस वर्षों से नहीं मिला है। डोबरा, असिना, छोलगांव, सिराई, मलिदेवल ग्रामसभाओं के लोग दो दशक से राजस्व की मांग कर रहे है।

छठवे दिन आंदोलनकारियों ने मांग की कि विस्थापित ग्रामसभाओं की घोषणा को तीन माह के बाद भी कागजी औपचारिकताओ में राजस्व का दर्जा आज तक क्यों नहीं मिला।

इस दौरान मंजू देवी, रीना देवी, बीना देवी, अनीता देवी, रेखा देवी, फूल देवी, ममता देवी, सरस्वती देवी, विनोद राणा, अजय राणा, कमल पंवार, अंकित सजवाण, प्रमोद बिष्ट, अनूप, कुशाल रावत, गौरव जोशी, सुरेंद्र गुसाई आदि मौजूद थे।