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Tuesday, April 13, 2021
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उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म

उत्तराखण्ड में सत्तारूढ़ भाजपा आलाकमान द्वारा अचानक कोर ग्रुप की बैठक बुलाने के बाद से सत्ता के गलियारों में शनिवार को सुबह से शाम तक खासी हलचल बनी रही। वहीं उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में भी कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी बैठक के लिए बीजापुर गेस्ट हाउस में मौजूद रहे।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में चल रहे विधान सभा सत्र से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सीधे देहरादून पहुंचे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह साथ में बीजापुर गेस्ट हाउस से मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। वहीं सांसद नरेश बंसल ने कहा कि 12 मार्च से लेकर 14 मार्च तक पार्टी की गतिविधियों को लेकर बैठक बुलाई गई है। उन्होंने किसी बदलाव से इनकार किया है। भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने भी बदलाव की चर्चाओं पर विराम लगाया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह भी वापस लौट गए हैं।

यह बैठक देहरादून स्थित बीजापुर गेस्ट हाउस में हुई। जिसके लिए संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, भाजपा के सांसद नरेश बंसल, अजय भट्ट, रानी राज्यलक्ष्मी शाह के अलावा केंद्रीय पर्यवेक्षक रमन कुमार, संगठन के महामंत्री अजय कुमार, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार, देहरादून मेयर सुनील उनियाल गामा भी बीजापुर गेस्ट हाउस में मौजूद रहे। विधायक मीना गंगोला, चंद्रा पंत, खजान दास, नवीन दुमका, महेश नेगी भी मौजदू रहे।

देहरादून में होने वाली भाजपा की इस कोर ग्रुप की बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह पर्यवेक्षक के रूप में बैठक में शामिल रहे। बीजापुर गेस्ट हाउस पहुंचने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने उनका स्वागत किया गया।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वह बीजापुर गेस्ट हाउस के लिए रवाना हुए।

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी भी दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में पहुंचे। इस दौरान वहां गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे।

भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाकर देहरादून भेजा है। बजट सत्र के बीच में केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजे जाने से देहरादून से करीब 260 किमी दूर भराड़ीसैंण में सियासी खलबली मच गई। कुछ ही देर में सत्तारूढ़ भाजपा के 13 विधायकों की नाराजगी की चर्चाएं भी सियासी हवाओं में तैरने लगीं। सुबह से ही भराड़ीसैंण से हेेलीकॉप्टर ने कई बार उड़ान भरी। इसके सियासी निहितार्थ भी टटोले जाने लगे।

पता चला कि सरकार के मंत्रियों और पार्टी विधायकों को केंद्रीय पर्यवेक्षक ने देहरादून रायशुमारी के लिए बुलाया है और भाजपा विधायक बारी-बारी से देहरादून के लिए उड़ने लगे। भाजपा के कुछ विधायकों ने इसकी पुष्टि भी की। उनका कहना था कि उन्हें देहरादून तो बुलाया गया, लेकिन उन्हें नहीं मालूम क्यों।

भाजपा के ही कुछ विधायकों का मानना था कि जब बजट सत्र चल रहा हो और सरकार सदन में विनियोग विधेयक पेश करने जा रही है, ऐसी दशा में केंद्रीय नेतृत्व का पर्यवेक्षक को भेजा जाना कोई सामान्य घटना नहीं है। उनके अनुसार, कोई न कोई सियासी मजबूरी है जिस वजह से केंद्रीय नेतृत्व को देहरादून पर्यवेक्षक भेजना पड़ा।

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय पर्यवेक्षक और प्रदेश पार्टी प्रभारी दुष्यंत गौतम जो पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं, के देहरादून पहुंचने से पहले ही पार्टी सांसद अजय भट्ट, तीरथ सिंह रावत, माला राज्यलक्ष्मी, रमेश पोखरियाल निशंक, अजय टम्टा, नरेश बंसल को तुरंत देहरादून बीजापुर स्थित राज्य अतिथि गृह पहुंचने को कहा गया।

सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होनेे से पहले ही विधानसभा के गलियारों में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के आने और मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों को भराड़ीसैंण से देहरादून बुलाए जाने की चर्चाएं गर्म थीं। इसके सियासी मायने टटोले जा रहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन ने इस पर सदन के अंदर और बाहर खूब चटखारे लिए। सदन के अंदर भी खूब गहमागहमी दिखी।

सदन के भीतर बैठे भाजपा विधायकों को पर्ची पर संदेश मिल रहे थे और वे बारी-बारी से वहां से निकल रहे थे। अनुदान मांगों पर जब कांग्रेस कटौती प्रस्ताव लाने लगी तो ट्रैजरी बैंच में बैठे मंत्रियों में देहरादून जल्दी जाने की बेचैनी साफ देखी गई। अनुदान मांगों पर कटौती प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस विधायकों की चर्चाएं जब लंबी खिंच रही थीं, तब संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश को एक पर्ची भिजवाई। पर्ची पढ़ने के बाद फिर इंदिरा ने भी पर्ची भिजवाई। पर्चियों का यह आदान प्रदान अन्य मंत्रियों और विधायकों के बीच होता रहा।

भराड़ीसैंण से देहरादून के लिए उड़ान भरने से पहले भाजपा विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंच रहे थे। वहां मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद उन्हें हेलीपैड भिजवाया जा रहा था। वहां से वे बारी-बारी से देहरादून पहुंच रहे थे। भोजनावकाश तक कई विधायकों को देहरादून भिजवा दिया गया था। अपराह्न में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और राज्यमंत्री डॉ.धनसिंह भी हेलीकॉप्टर से देहरादून पहुंच गए।

देहरादून जाने की जल्दी में सरकार ने आनन फानन सत्र निपटाया। इसमें विपक्ष ने शोर-शराबा करके सरकार की राह आसान कर दी। 10 अनुदान मांगों को पास कराने में जहां सरकार को करीब ढाई घंटे लगे, वहीं चिकित्सा, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण की अनुदान मांग के बहाने विपक्ष ने कोविड का मुद्दा उठाया और हंगामा शुरू कर दिया। बाकी की 20 अनुदान मांगें, विनियोग विधेयक एक घंटे में बगैर चर्चा के निपटा दी गईं।

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