प्रदेश में आज शनिवार से भारत नेट परियोजना लागू हो गई। इस परियोजना के तहत उत्तराखण्ड में 5591 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस परियोजना के तहत राज्य के लिए 2000 हजार करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

भारत नेट परियोजना को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता में सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घोषणा कि की इस योजना के तहत सबसे पहले गांवों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। इसके बाद स्कूल कॉलेज तक भी इंटरनेट को पहुंचाया जाएगा। श्री रावत ने कहा कि राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैंरसैंण में ई विधानसभा बनाई जाएगी, जिससे वहां सरकारी फाइलों को ले जाने की जरूरत नहीं होगी।

सीएम श्री रावत ने बताया कि भारत नेट के दूसरे चरण में देश मे 2.5 लाख ग्राम पंचायत तक नेट सेवाएं पहुंचाई जाएगी। बताया कि प्रदेश में भारत नेट की फेज एक योजना का काम चल रहा है। विभिन्न योजनाओं में निवेश से राज्य में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में ई-विधानसभा और सचिवालय बनाया जाएगा।

सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने ई-कैबिनेट की शुरुआत कर दी है। साथ ही देहरादून में ई-कलेक्ट्रेट बन चुका है। अब गैरसैंण विधानसभा में ई-विधानसभा और सचिवालय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू करने में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। राज्य सरकार ने लघु किसानों को तीन लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन देने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के छोटे किसान आत्मनिर्भर बन सकें।

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