आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बाद राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने राजकीय कर्मचारियों एवं पेंशनर के लिए अटल आयुष्मान योजना के तहत असीमित खर्चे पर कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने को तैयारी प्रारंभ कर दी है। प्रदेश में लगभग तीन लाख राजकीय कर्मचारी-पेंशनरों को आगामी एक सितंबर से असीमित खर्चे पर कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने अटल आयुष्मान योजना के तहत अगस्त में इनके गोल्डन कार्ड बनाने की तैयारी प्रारंभ कर ली है। अगले माह अगस्त के वेतन और पेंशन से उनके अंशदान की कटौती शुरू हो जाएगी, जो राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के खाते में जमा होगी।

वैश्विक महामारी कोरोना के चलते यदि सब कुछ सामान्य रहा तो प्रदेश के कर्मचारी-पेंशनरों को एक सितंबर से अटल आयुष्मान योजना में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। इस योजना का लाभ कर्मचारी-पेंशनरों के परिवार के सदस्यों को भी मिलेगा।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 31 जुलाई 2020 तक सभी कर्मचारी-पेंशनरों से गोल्डन कार्ड बनाने के लिए परिवार के सदस्यों का विवरण मांगा है। इसके बाद अगस्त में गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे। कार्ड बनाने के लिए प्राधिकरण की ओर से गाइडलाइन जारी की जाएगी। प्राधिकरण की ओर कार्ड बनाने के लिए निजी कंपनी को भी अधिकृत किया जाएगा, जिससे कर्मचारी-पेंशनरों के कार्ड आसानी से बन सकें।

योजना के तहत कर्मचारी, पेंशनर और उनके परिजनों को किसी भी पंजीकृत अस्पताल में बिना रेफर के असीमित खर्चे पर इलाज की सुविधा मिलेगी। इलाज पर व्यय होने वाली राशि के लिए कोई सीमा तय नहीं है। ओपीडी और आईपीडी दोनों में इलाज उपलब्ध होगा।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना में कर्मचारी-पेंशनरों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू करने को एक सितंबर की तारीख प्रस्तावित की गई है। अगस्त में कार्ड बनाए जाएंगे और अगस्त के वेतन से ही अंशदान लिया जाएगा।

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