• दसवीं की परीक्षा में टॉप फाइव होनहार में हुए शामिल।
  • इंजीनियरिंग के बाद सिविल सेवा में जाना अगला लक्ष्य

देहरादून। सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा में टॉपरों की सूची में शुमार एशियन स्कूल के आमोघ नारायण मीणा का लक्ष्य सिविल सेवा में जाना है। वह बताते हैं कि इंजीनियरिंग करने के बाद वह आईएएस बनना चाहते हैं, ताकि देश की सेवा कर समाज में मिसाल कायम कर सके। आमोघ की इस सफलता पर परिजन और स्कूल के शिक्षक गर्व महसूस कर रहे हैं।

जीवन के बड़े लक्ष्य की शुरुआत दसवीं की परीक्षा से होती है। इस परीक्षा को टॉप करना हर किसी का सपना होता है। कुछ ऐसा ही एशियन स्कूल के छात्र आमोघ मीणा ने 97 फीसद अंक अर्जित कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सीबीएसई गाइडलाइंस के अनुसार लैंग्वेज के दो सब्जेक्ट होते हैं, इसमें आमोघ ने अनिवार्य सब्जेक्ट कंप्यूटर साइंस और अंग्रेजी लिया है। इन दो सब्जेक्ट के अंक जोड़ने के साथ आमोघ ने टॉप फाइव सब्जेट में 97 फीसद अंकों के साथ बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

उल्लेखनीय है कि सीबीएसई ने कंप्यूटर साइंस को अनिवार्य और वैकल्पिक सब्जेक्ट में अलग अलग शामिल किया गया है। आमोघ ने आईटी (कंप्यूटर साइंस) को अनिवार्य विषय में लिया था। इस हिसाब से आमोघ ने आईटी में पूरे 100 फीसद अंक अर्जित कर टॉप फाइव सब्जेक्ट में शामिल होकर टॉपरों की सूची में जगह बनाई है। आमोघ कहते हैं कि उनकी उम्मीद तो इससे ज्यादा और कुछ विषयों में शतप्रतिशत अंक मिलने की उम्मीद थी।

हालांकि कंप्यूटर में आमोघ ने 100 फीसद अंक अर्जित कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। इसी तरह अंग्रेजी और विज्ञान जैसे कठिन विषय में 96-96 अंक हासिल किये हैं। आमोघ ने सोशल साइंस में 97 तो गणित में 92 फीसद अंक प्राप्त किए। इसके अलावा आमोघ को हिंदी में भी अच्छे अंक की उम्मीद थी, लेकिन हार्ड मार्किंग के चलते 89 अंक हासिल किए। आमोघ ने कम अंक मिलने पर अब हिंदी और गणित में रिचेक की ठान ली है।

आमोघ को उम्मीद है कि रिचेक के बाद अंकों में इजाफा होगा। बहरहाल आमोघ की प्रतिभा और अच्छे प्रदर्शन की खूब तारीफ हो रही है। आमोघ का कहना है कि अभी लक्ष्य की शुरुआत हुई है। आगे इंजीनियरिंग कर सिविल सेवा में भी टॉप करना उनका लक्ष्य है। ताकि वह देश की सेवा में बखूबी अपना योगदान दे सकें।

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