देहरादून। आज बुधवार को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में जहां कई अहम फैसले लिए गए, वहीं बहुप्रतीक्षित स्कूलों के संचालन को लेकर कैबिनेट ने फैसला लिया कि उत्तराखंड में आगामी एक नवंबर से कक्षा 10वीं और 12वीं कक्षाओं के संचालन के लिए स्कूल खोल दिए जाएंगे। प्रदेश में निजी और सरकारी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं की कक्षाएं संचालित की जाएंगी।

विदित हो कि प्रदेश में स्कूल खुलने को लेकर सरकार ने सभी जिलों से शिक्षकों और अभिभावकों की राय मांगी थी। प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के माध्यम से यह रिपोर्ट शासन तक पहुंची थी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शासन को जिलों से जो रिपोर्ट मिली है उसमें लगभग 60 फीसदी अभिभावक 9 वीं से 12 वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल खोलने के पक्ष में बताए गए हैं।

कैबिनेट में बताया गया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति और शुल्क के मसले पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में कोई निर्णय नहीं हो पाया। उपसमिति की बैठक अब दो दिन बाद दोबारा होगी। विधानसभा में हुई बैठक में समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक व उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धनसिंह रावत ने मंथन किया। बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश भी शामिल हुए। मसला छात्रवृत्ति के बैकलॉक पूरा करने और सरकारी-गैर सरकारी संस्थानों की फीस में एकरूपता न होने से प्रतिपूर्ति में आ रही कठिनाइयों का है।

सूत्रोें के अनुसार, सरकार ने जो शुल्क निर्धारित किया है, उसकी सरकारी स्कूल-कॉलेजों में तो समान रूप से प्रतिपूर्ति हो रही है, लेकिन निजी शिक्षण संस्थानों में अधिक शुल्क होने के कारण दिक्कत आ रही है। बताया गया है कि अब शुक्रवार को उपसमिति की दोबारा बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस पर चर्चा कर निर्णय लिया जा सकता है।

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